मंगळवार, २८ एप्रिल, २०२०

हायकू रचना - आनंदी क्षण


हायकू रचना - आनंदी क्षण

आनंदी क्षण
शुभेच्छा वर्षावांनी
भारुनी मन           ||१||

मनी दिसावा
स्वप्न पूर्ती सुखाचा
स्वर्ग असावा           ||२||

खग तू व्हावे
अमर्याद ऊर्जेचे
पंख लाभावे            ||३||

गाठूनी आज
वयाची ती पन्नाशी
सुवर्ण साज            ||४||

जीवन पर्व 
जग उत्साहपूर्ण
स्वीकार सर्व             ||५||

सुख असावे
अनुभव सागरी
तट दिसावे               ||६||

अनुभव हे
जीवनी प्रवासात
मार्गी शोध घे            ||७||

जग हे विश्व
अनुभव सागरी
सावर अश्व              ||८||

देतो मी आज
हा शब्द सुमनांचा
सदिच्छा साज           ||९||

मिळावा तुला
तृप्ततेचा किनारा
अपेक्षा मला              ||१०||

*✍🏻श्री. विपुल उत्तम आढाव(मुंबई)✍🏻*

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